News India Live, Digital Desk: ‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख और वर्तमान सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब की एक स्थानीय अदालत ने अजनाला हिंसा मामले में अमृतपाल सिंह को नियमित जमानत दे दी है। अजनाला थाने पर हुए हमले और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के जिस मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था, उसमें अमृतपाल को मिली यह राहत उनके समर्थकों के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है। हालांकि, क्या वे अब जेल से बाहर आ पाएंगे? यह सवाल अभी भी बरकरार है।अजनाला हिंसा: जब तलवारों और गुरु ग्रंथ साहिब की आड़ में हुआ था हमलाफरवरी 2023 में पंजाब का अजनाला इलाका उस वक्त रणक्षेत्र बन गया था, जब अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों ने अपने एक साथी लवप्रीत तूफान की रिहाई के लिए थाने पर हमला बोल दिया था। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और बैरिकेड्स तोड़ दिए गए थे। इसी मामले में दर्ज FIR के आधार पर अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। अब अमृतसर की अदालत ने इसी विशेष मामले में अमृतपाल की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है।जमानत तो मिली, लेकिन NSA का ‘पेंच’ अभी भी बरकरारअदालत से जमानत मिलने के बावजूद अमृतपाल सिंह की जेल से रिहाई आसान नहीं है। वर्तमान में अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है। एनएसए की अवधि को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। कानूनविदों का मानना है कि जब तक सरकार एनएसए को वापस नहीं लेती या इसकी अवधि समाप्त नहीं होती, तब तक अन्य मामलों में जमानत मिलने के बाद भी अमृतपाल को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।सांसद बनने के बाद भी डिब्रूगढ़ जेल में हैं बंदखालिस्तानी समर्थक विचारधारा के लिए चर्चा में रहे अमृतपाल सिंह ने जेल में रहते हुए ही पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से भारी मतों से जीत हासिल की थी। सांसद चुने जाने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच शपथ दिलाने के लिए दिल्ली लाया गया था, लेकिन उनकी रिहाई को लेकर सरकार का रुख अभी भी बेहद सख्त बना हुआ है। डिब्रूगढ़ जेल में उनके साथ उनके कई अन्य सहयोगी भी बंद हैं, जिन पर देश की संप्रभुता को चुनौती देने के आरोप हैं।पंजाब की राजनीति और सुरक्षा पर क्या होगा असर?अमृतपाल सिंह को जमानत मिलने की खबर पंजाब की सियासत में हलचल पैदा कर सकती है। एक तरफ जहां उनके समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत किया है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस लगातार बॉर्डर इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एनएसए के मामले में सरकार का अगला कदम क्या होगा और क्या अमृतपाल सिंह जल्द ही जेल से बाहर आ पाएंगे।
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