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The Trial Season 2 : काजोल ने 30 साल बाद तोड़ी अपनी मर्यादा कैमरे के सामने दिए बोल्ड सीन

News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड की ‘बबली गर्ल’ और अपनी संजीदा अदाकारी के लिए मशहूर काजोल इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ नहीं, बल्कि प्रोफेशनल लाइफ में लिए गए एक बोल्ड फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। तीन दशकों के लंबे करियर में अपनी ‘नो-किसिंग पॉलिसी’ (No-Kissing Policy) को पत्थर की लकीर मानने वाली काजोल ने आखिरकार इसे तोड़ दिया है। ओटीटी सीरीज ‘द ट्रायल’ (The Trial) में सह-कलाकार जिशु सेनगुप्ता के साथ उनके किसिंग सीन ने न केवल दर्शकों को हैरान कर दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।’लिली सिंह’ के पॉडकास्ट में छलका दर्द: “थ्योरी में अच्छा लगा, पर असल में…”हाल ही में मशहूर इन्फ्लुएंसर लिली सिंह के पॉडकास्ट में बात करते हुए 51 वर्षीय काजोल ने इस सीन को लेकर अपनी खामोशी तोड़ी। उन्होंने कुबूल किया कि वह सेट पर इस सीन को फिल्माते समय बेहद असहज (Uncomfortable) थीं। काजोल ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी थी, तब मुझे यह आइडिया थ्योरी में तो अच्छा लगा, लेकिन जब मैं सेट पर खड़ी थी, तो मैं बहुत नर्वस थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं इसे कर पाऊंगी या बीच में ही ‘कट’ बोल दूंगी।”क्यों तोड़ा 30 साल पुराना नियम? स्क्रिप्ट की थी मांगजब उनसे पूछा गया कि आखिर उन्होंने अपनी पुरानी कसम क्यों तोड़ी, तो काजोल ने बहुत ही प्रोफेशनल जवाब दिया। उन्होंने बताया, “यह सिर्फ एक किस नहीं था, बल्कि मेरे किरदार ‘नयोनिका सेनगुप्ता’ के भावनात्मक सफर का एक अहम हिस्सा था। वह किरदार क्या सोचती है, उसकी क्या उम्मीदें हैं और उसे किन हालातों से गुजरना पड़ा, इसे दिखाने के लिए वह सीन जरूरी था। अगर मैं उसे हटा देती, तो पूरा स्क्रीनप्ले और मेरा किरदार अधूरा रह जाता।” उन्होंने इसे ‘प्रोफेशनल कॉल’ बताते हुए कहा कि आज के दौर में वह खुद को इतना परिपक्व महसूस करती हैं कि इस तरह के फैसले ले सकें।ओटीटी पर काजोल का ‘नया अवतार’डिजिटल डेब्यू करने के बाद से काजोल लगातार अपनी पसंद और किरदारों के साथ प्रयोग कर रही हैं। ‘द ट्रायल: प्यार, कानून, धोखा’ में उनके वकील वाले अवतार को काफी सराहना मिली है। सीरीज के दूसरे सीजन के रिलीज होने के बाद से ही उनके इन बोल्ड सीन्स की चर्चा फिर से तेज हो गई है। जिशु सेनगुप्ता और एली खान के साथ उनके दृश्यों ने साबित कर दिया है कि काजोल अब अपनी पुरानी सीमाओं को लांघकर नए जमाने के सिनेमा के साथ कदम ताल करने को तैयार हैं।बेबाक और अनपोलोजेटिक: “मैं वैसी ही हूँ”काजोल ने इंटरव्यू में यह भी साफ किया कि वह अपने फैसलों को लेकर कभी पछताती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में वह बहुत युवा थीं और बिना सोचे-समझे फैसले लेती थीं, जिससे कभी-कभी वह मुसीबत में भी पड़ जाती थीं। लेकिन अब वह अपनी चॉइस को लेकर स्पष्ट हैं। चाहे उनकी फिल्में ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी क्लासिक हों या ‘द ट्रायल’ जैसा मॉडर्न ड्रामा, काजोल हर भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाने में यकीन रखती हैं।