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News India Live, Digital Desk: बिहार में भीषण गर्मी और लू के सितम के बीच मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है। उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने अररिया समेत प्रदेश के 7 जिलों में आंधी, मध्यम बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। एक ओर जहां दक्षिण बिहार के जिले 44 डिग्री की तपिश में झुलस रहे हैं, वहीं सीमावर्ती इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियों ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।अररिया समेत इन जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के विशेष रूप से सात जिलों—अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण में चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने के आसार हैं। अररिया और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में बादलों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।दक्षिण बिहार में अभी जारी रहेगा ‘लू’ का टॉर्चर उत्तर बिहार में जहां बारिश की संभावना है, वहीं राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के 19 जिलों में फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। गया, औरंगाबाद, रोहतास और नवादा जैसे जिलों में पारा अभी भी 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण बिहार में 28 अप्रैल के बाद ही तापमान में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं। तब तक इन इलाकों में उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।किसानों के लिए जरूरी सलाह और सावधानी बेमौसम बारिश और आंधी को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने उत्तर बिहार के किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। जिन किसानों की फसलें कटकर खलिहान में हैं या खुले में रखी हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है। साथ ही, वज्रपात की स्थिति में खेतों में काम कर रहे किसानों को पक्के मकानों या सुरक्षित इमारतों की शरण लेने को कहा गया है। धूल भरी आंधी से आम और लीची की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है।तापमान में गिरावट: कब मिलेगी पूरी राहत? आईएमडी पटना के अनुसार, बिहार और झारखंड के ऊपर एक लो-प्रेशर सिस्टम (निम्न दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 और 28 अप्रैल को पूरे बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि महीने के अंत तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी, जिससे पारा 3-4 डिग्री तक गिर सकता है। भीषण गर्मी से बेहाल बिहारवासियों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं होगी।
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