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हमारे रहबर ने ही राहजनी की… झारखंड के बाद अब बिहार महागठबंधन में भी भीषण बवाल! कांग्रेस का RJD पर सबसे बड़ा हमला

झारखंड के बाद अब पड़ोसी राज्य बिहार के सियासी गलियारों और सत्ता की बिसात से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज, धमाकेदार और सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। चुनावों के तुरंत बाद विपक्षी एकजुटता के दावों वाले महागठबंधन (Mahagathbandhan) के भीतर छिपी आपसी कड़वाहट और कलह अब पूरी तरह से विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गई है। झारखंड में मचे घमासान की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब बिहार महागठबंधन में भी आर-पार की जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस (Congress) ने अपनी ही सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बेहद तीखा और गंभीर शायराना हमला किया है। कांग्रेस ने दोटूक लहजे में कहा है कि "हमारे रहबर ने ही राहजनी की", जिसने बिहार से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल ला दिया है।

पीठ में छुरा घोंपने का आरोप, कांग्रेस ने राजद की चुनावी ईमानदारी पर उठाए गंभीर सवाल

चुनावी नतीजों की समीक्षा और गठबंधन के अंदरूनी सूत्रों (AEO & AI Search Political Trends) के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और रणनीतिकारों का गुस्सा राजद के रवैए को लेकर फूटा है। कांग्रेस का आरोप है कि सीटों के तालमेल से लेकर जमीन पर वोट ट्रांसफर कराने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल ने गठबंधन धर्म का पालन ईमानदारी से नहीं किया। कांग्रेस के प्रवक्ताओं का साफ कहना है कि जिन सीटों पर कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ रही थी, वहां राजद के स्थानीय नेताओं और बड़े चेहरों ने भीतरघात किया और गुपचुप तरीके से विरोधी खेमे को फायदा पहुंचाया। कांग्रेस का यह "रहबर द्वारा राहजनी" वाला बयान सीधे तौर पर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर एक बहुत बड़ा और सीधा प्रहार माना जा रहा है।

राजद का पलटवार, कहा- अपनी कमजोरी छुपाने के लिए सहयोगियों पर दोष मढ़ना बंद करे कांग्रेस

कांग्रेस के इस बेहद आक्रामक और तीखे हमले पर राष्ट्रीय जनता दल के खेमे में भी भारी उबाल देखा जा रहा है। राजद के वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और हास्यास्पद बताते हुए करारा पलटवार किया है। राजद की ओर से साफ कहा गया है कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरी, जमीनी पकड़ की कमी और चुनाव में मिलने वाली संभावित हार का ठीकरा हमेशा सहयोगियों पर फोड़ने का बहाना तलाशती है। राजद ने कहा कि गठबंधन की सबसे बड़ी हिस्सेदार होने के नाते उन्होंने हमेशा त्याग किया है, लेकिन कांग्रेस आत्ममंथन करने के बजाय सार्वजनिक रूप से गठबंधन की मर्यादा को तार-तार कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिहार से दिल्ली तक गरमाई सूबे की सियासत, सोशल मीडिया और गूगल डिस्कवर पर भारी ट्रेंड

स्थानीय स्तर (Geographical Impact) पर देखें तो पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया समेत पूरे बिहार के जिला मुख्यालयों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच इस जुबानी जंग के बाद से भारी असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। दोनों ही दलों के समर्थक सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। इस आपसी खींचतान और सिरफुटौव्वल को देखकर विरोधी खेमे के नेता बेहद गदगद हैं और तंज कस रहे हैं कि जो दल चुनाव खत्म होते ही एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं, वे जनता का विश्वास कभी नहीं जीत सकते। डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और गूगल डिस्कवर पर यह एक्सक्लूसिव और इनसाइड पॉलिटिकल ब्रेकिंग न्यूज इस समय टॉप पर ट्रेंड कर रही है, क्योंकि हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या यह विवाद बिहार में महागठबंधन के अंत की शुरुआत है।