
गौतम अडानी समूह की प्रमुख और अग्रणी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस बार की जून तिमाही के दौरान उसे 1,160 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नेट लॉस यानी शुद्ध घाटा उठाना पड़ा है, जबकि ठीक पिछले साल की इसी समान तिमाही के दौरान कंपनी ने 885 करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा कमाया था। हालांकि एक तरफ जहां कंपनी को शुद्ध घाटा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ व्यावसायिक मोर्चे पर राहत की बात यह रही कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान ऑपरेशन्स से होने वाली कुल आय सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ बढ़कर 32,924 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।
किस वजह से हुआ भारी नुकसान और क्या रहे खर्चों के आंकड़े
अडानी एंटरप्राइजेज को इस तिमाही में हुए इस बड़े घाटे के पीछे मुख्य वजह एक बड़ा कानूनी और नियामकीय समझौता रहा है। कंपनी ने अमेरिकी संस्था यूएस ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल यानी OFAC के साथ हुए सेटलमेंट अमाउंट के भुगतान के रूप में 2,644 करोड़ रुपये का असाधारण यानी एक्सेप्शनल नुकसान दर्ज किया है। यदि इस विशेष सेटलमेंट राशि को बाहर निकाल दिया जाए, तो कंपनी ने इस तिमाही में असल में 1,295 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। इसके अलावा तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 54 फीसदी की तेजी के साथ 20,970 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 32,252 करोड़ रुपये हो गया। इस्तेमाल की गई सामग्री की लागत एक साल पहले के 3,393 करोड़ रुपये से काफी बढ़कर 14,255 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि कर्मचारियों के लाभ पर होने वाला खर्च भी 963 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,094 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत और गौतम अडानी का बड़ा बयान
वित्तीय घाटे के बीच कंपनी के अन्य व्यावसायिक मोर्चों पर कई बड़ी और अहम कामयाबियां भी दर्ज की गई हैं। इस तिमाही के दौरान अडानी न्यू इंडस्ट्रीज ने 1.7 गीगावाट की नई सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइन की शुरुआत की, जिससे कंपनी की कुल मॉड्यूल क्षमता बढ़कर अब 5.7 गीगावाट हो गई है। इसके साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 15 जुलाई 2026 से अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स की शुरुआत कर दी है, गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर 15 मई 2026 से टोल कलेक्शन का काम शुरू हो चुका है, और कंपनी के डेटा सेंटर बिजनेस को 400 मेगावाट का एक नया बड़ा हाइपरस्केल ऑर्डर भी मिला है। इन तमाम उपलब्धियों पर बात करते हुए अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स हमारी लंबी अवधि की ग्रोथ यात्रा में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने 15,000 करोड़ रुपये के सफल क्यूआईपी यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि यह निवेशकों के अटूट भरोसे को दर्शाता है।
शेयर बाजार में अडानी एंटरप्राइजेज का प्रदर्शन
शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की चाल पर नजर डालें तो बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर मामूली बढ़त के साथ 3,024.45 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। जुलाई 2026 के दौरान यह शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर यानी 3,245 रुपये तक भी पहुंच चुका है, जबकि मार्च 2026 में इस शेयर का निचला स्तर 1,753.45 रुपये रहा था जो इसके 52 हफ्ते का लो है
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