
News India Live, Digital Desk: आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में घटती जन्म दर और तेजी से बढ़ती बुजुर्गों की आबादी को संतुलित करने के लिए एक अनोखी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ऐलान किया है कि जिन माता-पिता के दो या उससे अधिक बच्चे होंगे, उन्हें सरकार की ओर से 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह फैसला राज्य की भविष्य की कार्यबल (Workforce) को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है।क्यों पड़ी इस अजीबोगरीब फैसले की जरूरत?आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के कई राज्यों में प्रजनन दर (Fertility Rate) राष्ट्रीय औसत से नीचे जा रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले दशकों में आंध्र प्रदेश में युवाओं की कमी हो जाएगी और केवल बुजुर्गों की संख्या अधिक होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास की गति धीमी पड़ सकती है।’हम दो हमारे दो’ के नारे से अलग नई राहदशकों से भारत में ‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ का संदेश दिया जाता रहा है। लेकिन चंद्रबाबू नायडू ने इस धारणा को बदलते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि हम अपनी जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) को बचाने के लिए बड़े परिवारों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने संकेत दिया है कि भविष्य में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए भी ‘दो बच्चों की सीमा’ वाले नियम को खत्म किया जा सकता है।शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी होगा फोकससरकार का कहना है कि यह 25,000 रुपये केवल एक शुरुआत है। इसके साथ ही सरकार उन परिवारों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं देने का भी खाका तैयार कर रही है जो राज्य की जनसंख्या को संतुलित करने में योगदान देंगे। इस योजना का मुख्य लक्ष्य 2047 तक आंध्र प्रदेश को युवाओं से भरपूर और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाना है।
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