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Bihar Politics : विपक्ष को सिर्फ अपने परिवार की चिंता, महिला आरक्षण पर भड़के सीएम सम्राट चौधरी,कांग्रेस-RJD को सुनाई खरी-खोटी

News India Live, Digital Desk: बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण बिल (131वां संविधान संशोधन) के संसद में पारित न हो पाने को भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ करार दिया है। रविवार को पटना स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने विपक्षी दलों की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग आज खुशियां मना रहे हैं, उन्हें देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।1. “गरीब की बेटी कब बनेगी सांसद?”मुख्यमंत्री ने सीधे कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए पूछा कि राजनीतिक अवसर केवल कुछ खास परिवारों तक ही क्यों सीमित हैं?अपनों को तवज्जो: सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया, “विपक्ष को तब कोई दिक्कत नहीं होती जब उनके अपने घर की बेटी या बहू सांसद बनती है, लेकिन जब किसी गरीब परिवार की बेटी को संसद भेजने की बात आती है, तो ये दल एकजुट होकर विरोध करते हैं।”दोहरा मापदंड: उन्होंने कहा कि विपक्ष ‘नारी शक्ति’ का अपमान कर रहा है और उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।2. बिल पास होता तो क्या होता? (आंकड़ों का गणित)सीएम ने बताया कि यदि यह विधेयक कानून बन जाता, तो देश और राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल जाती:बिहार विधानसभा: बिहार में महिला विधायकों की संख्या मौजूदा 29 से बढ़कर कम से कम 122 हो जाती।लोकसभा: देश में महिला सांसदों की संख्या वर्तमान से बढ़कर 272 तक पहुँच सकती थी (लोकसभा सीटों के 816 तक विस्तारित होने के प्रस्ताव के बाद)।3. “लालू की पार्टी हमेशा महिला विरोधी रही”सम्राट चौधरी ने आरजेडी (RJD) पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी ने हमेशा महिला सशक्तिकरण की राह में रोड़े अटकाए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2006 में जब बिहार में एनडीए (NDA) की सरकार थी, तब नगर निकायों और पंचायतों में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया था।नतीजा: आज बिहार में 50% आरक्षण के बावजूद 59% से ज्यादा महिलाएं चुनाव जीतकर अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं।4. आज पटना की सड़कों पर ‘आक्रोश’ (20 अप्रैल)मुख्यमंत्री की इस ललकार के बाद आज (सोमवार) भाजपा महिला मोर्चा पूरे बिहार में ‘आक्रोश मोर्चा’ निकाल रही है।विरोध प्रदर्शन: पटना समेत सभी जिला मुख्यालयों पर भाजपा कार्यकर्ता विपक्षी दलों के पुतले फूंकेंगे और जनता के बीच जाकर बताएंगे कि कैसे विपक्ष ने महिलाओं के संवैधानिक हक को रोका है।तेजस्वी यादव का पलटवारवहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा ‘परिसीमन’ (Delimitation) की आड़ में विपक्ष के मजबूत किलों को तोड़ने की साजिश रच रही थी। उन्होंने मांग की कि आरक्षण के भीतर ‘पिछड़ी और दलित महिलाओं’ के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।