
उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को से स्पेन के स्वायत्तशासी क्षेत्र स्यूटा में अवैध तरीके से घुसपैठ करने की कोशिश एक भीषण मानवीय त्रासदी में बदल गई है। स्पेन के इस हिस्से में घुसने के प्रयास में अब तक कुल 72 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश मौतें समंदर में डूबने और भगदड़ के दौरान कुचले जाने की वजह से हुईं। एक झूठी सोशल मीडिया अफवाह के बाद शुरू हुए इस भारी जनसैलाब और अवैध घुसपैठ के प्रयास ने स्पेन और मोरक्को प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। हालांकि, स्पेनिश सुरक्षा बलों और सेना की सख्त कार्रवाई के बाद करीब 48 हजार लोगों को वापस खदेड़ दिया गया है, जबकि इलाके में हालात को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
एक अफवाह के चलते उमड़ी 60 हजार लोगों की भीड़, मची भगदड़
यह पूरी वीभत्स घटना तब शुरू हुई जब एक खतरनाक अफवाह ने तूल पकड़ा। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने जानकारी दी कि कुछ कुख्यात मानव तस्करों ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की पूरी तरह से गलत व्याख्या करके यह अफवाह फैला दी थी कि जो भी प्रवासी समुद्र के रास्ते तैरकर या अवैध रूप से स्यूटा में प्रवेश कर जाएगा, उसे बिना किसी कानूनी सुनवाई के वापस नहीं भेजा जाएगा। इसी झूठी उम्मीद में गुरुवार को लगभग 60 हजार मोरक्कोवासी समुद्र के रास्ते स्यूटा के तराजाल तट पर जबरन घुसने के लिए उमड़ पड़े। भारी अव्यवस्था और भगदड़ के कारण समंदर में डूबने और पैरों तले कुचले जाने से देखते ही देखते दर्जनों लोगों की सांसें थम गईं।
सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा, जमीनी रास्ते से वापस भेजे गए लोग
स्यूटा के प्रमुख जुआन जीसस ने मीडिया को बताया कि स्थानीय मोर्चुरी (शवगृह) में कुल 88 प्रवासियों के शव पहुंच चुके हैं, जिनमें से कुछ की मौत गुरुवार से पहले भी समुद्र पार करने के दौरान हुई थी। स्यूटा को यूरोप का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहाँ अफ्रीका की गरीबी, बेरोजगारी और बदहाली से तंग आकर युवा अक्सर जोखिम भरे रास्तों से यूरोप में दाखिल होने की फिराक में रहते हैं। स्पेन सरकार के स्यूटा प्रतिनिधि मिगुएल एंजेल पेरेज ने बताया कि इस खौफनाक हादसे में 1,000 से अधिक घायल प्रवासियों का इलाज किया गया है। दिल दहलाने वाले दृश्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई महिलाएं अपने दो-दो महीने के मासूम बच्चों को लेकर जान हथेली पर रखकर समंदर पार करने उतरी थीं। स्थिति पर काबू पाने के लिए स्पेनिश सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और घुसपैठियों को जमीनी रास्ते से वापस खदेड़ना शुरू किया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: तराजाल तट पर बनाई गई 500 मीटर लंबी तैरती दीवार
इस बड़े पैमाने पर हुई अवैध घुसपैठ और भगदड़ के बाद स्पेनिश प्रशासन ने भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम कर लिए हैं। स्यूटा के तराजाल तट पर प्रशासन ने करीब 500 मीटर (1,600 फीट) लंबी एक विशेष 'तैरती दीवार' (Floating Barrier) तैयार कर दी है, ताकि समंदर के रास्ते होने वाले अवैध प्रवेश को पूरी तरह से सील किया जा सके। इसके अलावा समुद्र तट पर भारी संख्या में पुलिस बल और सेना के जवानों को तैनात किया गया है जो लगातार गश्त कर रहे हैं। प्रशासन की इन सख्त और त्वरित कार्रवाइयों के बाद अब शहर का जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है और बाजार, रेस्त्रां तथा कैफे दोबारा गुलजार होने लगे हैं।
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