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Health Warning: बीमारियों के इलाज के लिए AI से सलाह लेना पड़ सकता है भारी, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

News India Live, Digital Desk: आज के डिजिटल युग में गूगल और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स लोगों के ‘पर्सनल डॉक्टर’ बनते जा रहे हैं। सिरदर्द हो या कोई गंभीर लक्षण, लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय AI से समाधान पूछना बेहतर समझते हैं। लेकिन ज़ी न्यूज़ की एक रिपोर्ट और हालिया स्टडी ने इस बढ़ते ट्रेंड को लेकर रेड सिग्नल (Red Signal) जारी कर दिया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि AI से मिली स्वास्थ्य सलाह न केवल भ्रामक हो सकती है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।AI डॉक्टर क्यों है आपकी सेहत के लिए ‘खतरनाक’?स्टडी में सामने आया है कि AI मॉडल विशाल डेटा पर आधारित होते हैं, लेकिन उनमें क्लीनिकल जजमेंट (Clinical Judgment) की कमी होती है। यहाँ कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं कि क्यों आपको AI पर आँख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए:गलत डायग्नोसिस (Misdiagnosis): AI अक्सर सामान्य लक्षणों को गंभीर बीमारी या गंभीर लक्षणों को सामान्य मान सकता है। यह ‘वन साइज फिट्स ऑल’ के सिद्धांत पर काम करता है, जबकि हर इंसान का मेडिकल इतिहास अलग होता है।भ्रामक दवाइयाँ: कई बार AI ऐसी दवाइयों का सुझाव दे सकता है जो किसी विशेष स्थिति में एलर्जी या गंभीर साइड इफेक्ट्स पैदा कर सकती हैं।पुरानी जानकारी: AI का डेटा हमेशा लेटेस्ट मेडिकल रिसर्च या नई गाइडलाइंस के साथ अपडेटेड नहीं होता, जिससे पुरानी और गलत जानकारी मिलने का खतरा रहता है।’साइबरकॉन्ड्रिआ’ का बढ़ता खतराविशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और AI पर बीमारियों के बारे में पढ़ने से लोगों में ‘साइबरकॉन्ड्रिआ’ (Cyberchondria) की समस्या बढ़ रही है। इसमें व्यक्ति मामूली लक्षणों को भी गंभीर बीमारी मानकर मानसिक तनाव और एंग्जायटी का शिकार हो जाता है। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद का इलाज (Self-medication) करना लिवर, किडनी और दिल के लिए घातक हो सकता है।डॉक्टर बनाम AI: कौन है बेहतर?एक डॉक्टर मरीज की शारीरिक स्थिति, उम्र, जेंडर और पिछली बीमारियों को देखकर फैसला लेता है। AI केवल शब्दों और पैटर्न को पहचानता है, वह मरीज की वास्तविक पीड़ा या शारीरिक संकेतों (जैसे पल्स, आँखों का रंग या सूजन) को महसूस नहीं कर सकता।एक्सपर्ट की राय: AI केवल जानकारी का एक स्रोत हो सकता है, लेकिन यह कभी भी प्रोफेशनल मेडिकल कंसल्टेशन का विकल्प नहीं बन सकता। किसी भी दवा या इलाज को शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से मिलना अनिवार्य है।