_1182651694.jpg)
News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध के मार्ग को दुनिया के लिए एकमात्र समाधान बताया। उन्होंने कहा कि बुद्ध का मार्ग केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने विज्ञान के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों की सराहना करते हुए युवाओं को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध की जरूरत प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और अनिश्चितता का माहौल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं और शांति का संदेश ही मानवता को सही दिशा दिखा सकते हैं। पीएम मोदी के मुताबिक, भगवान बुद्ध के विचार देशों, संस्कृतियों और लोगों को एक सूत्र में पिरोने की ताकत रखते हैं। उन्होंने भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों की हालिया विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे बुद्ध का नाम आज भी दुनिया के कोने-कोने में श्रद्धा जगाता है।वैज्ञानिक प्रगति से सशक्त होता भारत संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर विशेष खुशी जाहिर की। उन्होंने बेंगलुरू की एक विज्ञान पहल और ‘अन्वेषण’ (Anveshan) जैसे कार्यक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का भारत विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने स्कूली छात्रों में बढ़ती वैज्ञानिक रुचि की सराहना की और कहा कि अनुसंधान आधारित शिक्षा ही विकसित भारत का आधार बनेगी। पीएम मोदी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में जिज्ञासा और प्रयोग करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दें।युवाओं को ‘ग्रीन इंडिया’ और ‘साइबर सेफ्टी’ का मंत्र प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि हर छात्र को साल में कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए। इसके साथ ही बढ़ते डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्कूलों में साइबर सुरक्षा से जुड़े मॉड्यूल और वर्कशॉप आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि देश की नई पीढ़ी इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रह सके।बौद्ध विरासत से जुड़ने का आह्वान अंत में प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल भगवान बुद्ध के अवशेषों का संरक्षक नहीं है, बल्कि उनकी परंपरा का जीवंत वाहक भी है। पीएम मोदी ने लोगों से अपने-अपने राज्यों में स्थित बौद्ध स्थलों की यात्रा करने की अपील की, ताकि वे अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को करीब से महसूस कर सकें।
UK News