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Women’s World Cup 2025 : भारत के सामने होगी सबसे बड़ी चुनौती, ऑस्ट्रेलिया के ये आंकड़े डरा देंगे

News India Live, Digital Desk: आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का बिगुल बज चुका है और भारतीय टीम पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है. हाल ही में दक्षिण अफ्रीका को घरेलू सीरीज में 3-0 से रौंदने के बाद टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं. लेकिन वर्ल्ड कप की राह इतनी आसान नहीं होने वाली, क्योंकि इस टूर्नामेंट में भारत का सामना सबसे बड़ी और सबसे मजबूत टीम मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया से भी होगा.क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमें आमने-सामने होती हैं, तो मुकाबला हमेशा रोमांचक होता है. हालांकि, अगर हम इतिहास और आंकड़ों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है. वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत पर अपना दबदबा कायम रखा है.क्या कहते हैं हेड-टू-हेड आंकड़े?भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच अब तक कुल 54 वनडे मैच खेले गए हैं. इन आंकड़ों को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम कितनी मजबूत रही है:कुल मैच: 54ऑस्ट्रेलिया जीता: 43भारत जीता: 11यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हर मोर्चे पर कड़ी टक्कर दी है और ज्यादातर मौकों पर जीत भी हासिल की है.वर्ल्ड कप में भी ऑस्ट्रेलिया का दबदबाअगर हम सिर्फ वनडे वर्ल्ड कप के मुकाबलों की बात करें, तो यहां भी कंगारू टीम का रिकॉर्ड शानदार रहा है. वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच 13 बार भिड़ंत हुई है, जिसमें से:ऑस्ट्रेलिया जीता: 10भारत जीता: 3वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वे बड़े मैचों का दबाव झेलने में भारत से कहीं बेहतर रहे हैं. भारत को सिर्फ 3 बार ही जीत नसीब हुई है, जिसमें 2017 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हरमनप्रीत कौर की 171 रनों की ऐतिहासिक पारी वाली जीत भी शामिल है, जिसे कोई भी भारतीय फैन कभी नहीं भूल सकता.क्या इस बार बदलेगा इतिहास?भले ही आंकड़े ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में हों, लेकिन मौजूदा भारतीय टीम में वो काबिलियत है जो किसी भी टीम को हरा सकती है. स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और हाल ही में डेब्यू करने वाली प्रिया पूनिया जैसी बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं, वहीं गेंदबाजी में रेणुका सिंह और दीप्ति शर्मा जैसी खिलाड़ी मैच का रुख पलटने का दम रखती हैं.आगामी वर्ल्ड कप भारत में ही हो रहा है, जिसका फायदा टीम इंडिया को जरूर मिलेगा. घरेलू मैदान और फैंस के सपोर्ट के बीच भारतीय टीम से यही उम्मीद होगी कि वो पुराने आंकड़ों को भुलाकर नया इतिहास रचने के इरादे से मैदान पर उतरे