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कर्नाटक में बर्ड फ्लू की दस्तक बेंगलुरु के पास पोल्ट्री फार्म में मिला H5N1 वायरस, 7000 से ज्यादा मुर्गियां मारी गईं

News India Live, Digital Desk : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के प्रकोप ने प्रशासन और पोल्ट्री व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है। हेसरघट्टा (Hesaraghatta) स्थित एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में जानलेवा H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने शनिवार को स्थिति की समीक्षा की और लोगों से पैनिक न होने की अपील की है। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मुर्गियों को मारने (Culling) का काम पूरा कर लिया गया है।हेसरघट्टा बना इन्फेक्टेड ज़ोन, हज़ारों मुर्गियां दफनसंक्रमण का मामला हेसरघट्टा के माथकुरु (Mathkuru) गांव स्थित पोल्ट्री ट्रेनिंग सेंटर में सामने आया। भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) की रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया।बड़े पैमाने पर एक्शन: 15 अप्रैल को ही फार्म की 7,444 मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से मारकर गड्ढे में दफना दिया गया।नष्ट की गई सामग्री: मुर्गियों के साथ-साथ 14,788 अंडे और करीब 2,250 किलो पोल्ट्री फीड को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।प्रतिबंधित क्षेत्र: फार्म के 3 किलोमीटर के दायरे को ‘इन्फेक्टेड ज़ोन’ घोषित कर वहाँ बाहरी लोगों की आवाजाही पर एक साल के लिए रोक लगा दी गई है।10 कर्मचारी क्वारंटीन, घर-घर निगरानी शुरूस्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान में शामिल 10 कर्मचारियों को क्वारंटीन कर दिया है और उन्हें एहतियात के तौर पर ‘ओसेल्टामिविर’ (Oseltamivir) दवा दी जा रही है।निगरानी का घेरा: संक्रमित क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे (Surveillance Zone) में आने वाले 17 गांवों की करीब 22,395 की आबादी पर स्वास्थ्य विभाग नज़र रख रहा है।आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती: अगले 10 दिनों तक आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बुखार के लक्षणों की जांच करेंगे।क्या चिकन और अंडे खाना सुरक्षित है?स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने स्पष्ट किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “पूरी तरह पका हुआ चिकन और अंडे खाना सुरक्षित है, क्योंकि उच्च तापमान पर वायरस मर जाता है।” हालांकि, उन्होंने लोगों को बीमार या मृत पक्षियों के सीधे संपर्क में न आने की सलाह दी है। यदि किसी को पालतू पक्षियों में असामान्य मौतें दिखती हैं, तो उन्हें तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करना चाहिए।अस्पतालों को ‘येलो अलर्ट’ जारीबेंगलुरु और आसपास के निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सांस संबंधी गंभीर बीमारी (SARI) या इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों (ILI) वाले मरीजों की जानकारी तुरंत पोर्टल पर साझा करें। हेसरघट्टा और सोनेनहल्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पीपीई किट, मास्क और ज़रूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।