Saturday , April 18 2026

महाराष्ट्र में क्लीन स्वीप की तैयारी CM फडणवीस की हाई-लेवल मीटिंग, अशोक खरात केस और ड्रग्स नेटवर्क पर होगा एक्शन

News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क और हाल ही में चर्चा में आए अशोक खरात (Nashik Godman Case) मामले को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। फडणवीस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और धर्मांतरण जैसे मामलों में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।अशोक खरात मामला: ED की रेड और SIT की जांच तेजबैठक में नासिक के स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। गौरतलब है कि खरात पर यौन शोषण, जबरन वसूली और धार्मिक हेरफेर के गंभीर आरोप हैं।ED की कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को खरात के नासिक स्थित ठिकानों पर फिर से छापेमारी की है। अब तक 42 लाख रुपये नकद और 2.4 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।SIT का गठन: राज्य सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि खरात के ‘आर्थिक साम्राज्य’ और राजनीतिक संपर्कों की पूरी पड़ताल की जाए।ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ और ऑपरेशन थंडरमुख्यमंत्री फडणवीस ने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ‘ऑपरेशन थंडर’ की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि ड्रग्स सप्लाई चेन की ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड’ कड़ियों को तोड़कर सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेजा जाए। फडणवीस ने कहा कि राज्य में ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और इसमें ढिलाई बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।धर्मांतरण विरोधी कानून पर सख्त पहरामहाराष्ट्र विधानसभा द्वारा हाल ही में पारित ‘महाराष्ट्र धर्म-स्वतंत्रता विधेयक 2026’ के कार्यान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि धोखे, प्रलोभन या जबरन धर्मांतरण के मामलों में पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। नए कानून के तहत ऐसे अपराधों में 7 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। फडणवीस ने अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि इस कानून का दुरुपयोग न हो, लेकिन दोषियों को कड़ी सजा मिले।हाई-प्रोफाइल मामलों पर मुख्यमंत्री की नजरसमीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन वीडियो और तस्वीरों का भी संज्ञान लिया जो अशोक खरात और कुछ राजनेताओं के बीच संबंधों का दावा करते हैं। फडणवीस ने दो टूक कहा, “चेहरा चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून सबके लिए बराबर है।” उन्होंने गृह विभाग को अगले 15 दिनों के भीतर इन बड़े मामलों पर प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।