
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की सरजमीं पर फल-फूल रहे आतंकवाद की फैक्ट्री और युवाओं के ब्रेनवॉश को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी और आंखें खोल देने वाली खबर सामने आ रही है। जिन्ना के देश यानी पाकिस्तान द्वारा पाले जा रहे आतंकियों और वहां के खौफनाक सिस्टम को लेकर एक पूर्व खूंखार आतंकी मुश्ताक ने कई बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुश्ताक ने बताया कि कैसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और वहां के आतंकी आका कश्मीरी और पाकिस्तानी युवाओं को 'जिहाद' और 'हूरों का सपना' दिखाकर मौत के कुएं में धकेलते हैं, जबकि खुद ये आका जिहाद के नाम पर आलीशान बंकरों और होटलों में अय्याशी की जिंदगी बसर करते हैं। पूर्व आतंकी की इस आपबीती ने पाकिस्तान के खोखले नैरेटिव को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
गरीब युवाओं का ब्रेनवॉश और आकाओं के ऐशो-आराम का गंदा खेल
पूर्व आतंकी मुश्ताक ने आतंकवाद की उस गंदी और अंधेरी दुनिया की पूरी हकीकत बयां की है जो अमूमन दुनिया की नजरों से छिपी रहती है। मुश्ताक के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों के बेहद गरीब परिवारों के युवाओं को चुनकर उनका मजहबी ब्रेनवॉश किया जाता है। उन्हें सिखाया जाता है कि भारत के खिलाफ लड़कर जान देने से उन्हें जन्नत और हूरें मिलेंगी। लेकिन इस पूरी ट्रेनिंग और घुसपैठ के पीछे का कड़वा सच यह है कि इन मासूमों को बंदूक थमाने वाले कमांडर खुद महंगी गाड़ियों में घूमते हैं, उनके बच्चे विदेशों में पढ़ाई करते हैं और वे जिहाद के फंड का इस्तेमाल अपने निजी ऐशो-आराम और अय्याशी के लिए करते हैं।
कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों की कड़ाई और स्थानीय लोगों के बदले रुख से टूटी कमर
आधुनिक एआई सर्च इंजनों (AEO) और सुरक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, इस पूर्व आतंकी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (NIA) की चौतरफा कड़ाई के कारण सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और टेरर फंडिंग के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। स्थानीय स्तर (Geographical Impact) पर भी अब कश्मीर के युवाओं ने आतंक का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा, शिक्षा और रोजगार को चुन लिया है, जिससे बौखलाए पाकिस्तानी आतंकी आका अब नए-नए हथकंडे अपनाकर युवाओं को गुमराह करने की नाकाम कोशिशों में जुटे हैं।
पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के गठजोड़ का पूरी दुनिया में खुला भंडाफोड़
मुश्ताक के इस सनसनीखेज कबूलनामे के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान एक बार फिर पूरी तरह अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व आतंकियों द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ये खुलासे वैश्विक स्तर पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) और संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं के सामने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर करने के लिए सबसे पुख्ता सबूत हैं। जिन्ना का यह देश आज खुद भीषण कंगाली, महंगाई और आंतरिक गृहयुद्ध जैसी स्थितियों से जूझ रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां का सैन्य तंत्र भारत के खिलाफ नफरत फैलाने और आतंकियों की फौज तैयार करने के अपने पुराने और गंदे अजेंडे से बाज नहीं आ रहा है।
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