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बिहार में पेंशनर्स की लगी लॉटरी! डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, अधिकारियों को दिए ये सख्त आदेश

बिहार के लाखों पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक बेहद शानदार और बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने पेंशन धारकों की समस्याओं को दूर करने के लिए खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने सचिवालय में वित्त विभाग और संबंधित महकमों के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने पेंशनर्स से जुड़ी फाइलों को लटकाने वाले अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और साफ शब्दों में नए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिससे अब बुजुर्गों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। फाइलों को तुरंत निपटाने और ससमय भुगतान के निर्देश इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दोटूक लहजे में कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनभोगियों को अपनी पेंशन और एरियर के लिए किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आदेश दिया कि जिन पेंशनधारकों की फाइलें तकनीकी कारणों या कागजी खानापूर्ति की वजह से विभागों में अटकी हुई हैं, उनका तुरंत वेरिफिकेशन करके समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाए। सम्राट चौधरी ने कहा कि हर महीने की निर्धारित तारीख पर पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर (DBT) हो जानी चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिजिटल सिस्टम को और दुरुस्त करने पर जोर डिप्टी सीएम ने बैठक में पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने या अपनी पेंशन का स्टेटस जानने के लिए जिला मुख्यालयों या बैंकों की लंबी कतारों में न लगना पड़े, इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और ब्लॉक स्तर पर बने काउंटरों को और अधिक एक्टिव और यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए। सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को एक विशेष सेल (Special Cell) गठित करने का भी सुझाव दिया जो सीधे तौर पर पेंशन से जुड़ी शिकायतों को सुनेगा और महज कुछ दिनों के भीतर उसका स्थाई समाधान सुनिश्चित करेगा। सरकार के इस कदम से बुजुर्गों और परिवारों में खुशी की लहर बिहार सरकार और सम्राट चौधरी के इस त्वरित और संवेदनशील फैसले के बाद राज्य के लाखों पेंशनधारकों और उनके परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है। कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे रिटायर्ड कर्मचारियों के आत्मसम्मान की रक्षा होगी और उन्हें बुढ़ापे में अपनी जमा-पूंजी और हक के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम के जरिए एनडीए सरकार ने राज्य के एक बड़े और साइलेंट वोटर वर्ग को साधने की सफल कोशिश की है, जिसका सीधा सकारात्मक असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।