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बिहार में सिपाही भर्ती घोटाले पर पुलिस का बड़ा एक्शन: मुंगेर से दबोचे गए 15 शातिर आरोपी

बिहार में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सिपाही भर्ती परीक्षा में हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और धांधली के मामले में मुंगेर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुंगेर के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर पुलिस ने इस पूरे खेल में शामिल 15 मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा है। इस कार्रवाई के बाद से परीक्षा माफियाओं और सॉल्वर गैंग के बीच हड़कंप मच गया है। पकड़े गए शातिर आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जो सीधे तौर पर इस सिपाही भर्ती घोटाले से जुड़े हुए हैं।

हाईटेक तरीके से परीक्षा में की जा रही थी सेंधमारी, छापेमारी में मिले पुख्ता सबूत

मुंगेर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिपाही भर्ती परीक्षा को प्रभावित करने और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने के लिए एक गिरोह सक्रिय रूप से काम कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से आधुनिक ब्लूटूथ डिवाइस, वॉकी-टॉकी, कई अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, ब्लैंक चेक और एडमिट कार्ड मिले हैं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह सीधे-साधे अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये की डील करता था और परीक्षा हॉल के भीतर हाईटेक तरीके से आंसर-की (उत्तर कुंजी) पहुंचाने का काम करता था।

बिहार के कई जिलों से जुड़े हैं तार, पुलिस खंगाल रही है सरगना का कच्चा चिट्ठा

गिरफ्तार किए गए 15 आरोपियों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो इस रैकेट के तार बिहार के कई अन्य जिलों से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ मुंगेर तक सीमित कोई छोटा गिरोह नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा अंतर-जिला नेटवर्क काम कर रहा है। पटना, नालंदा और गया जैसे जिलों के बड़े परीक्षा माफियाओं के साथ भी इनके सीधे संपर्क होने के सुराग मिले हैं। पुलिस की टीम अब इन आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और बैंक खातों के लेन-देन को खंगाल रही है, ताकि इस पूरे सिपाही भर्ती घोटाले के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने अभ्यर्थियों से अवैध वसूली की जा चुकी है।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई, जांच के लिए बनी स्पेशल टीम

सिपाही भर्ती परीक्षा में इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। मुंगेर पुलिस ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले की गहराई से जांच करने और कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश करने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की पूरी संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने आम जनता और अभ्यर्थियों से भी अपील की है कि वे ऐसे किसी भी दलाल या सॉल्वर गैंग के झांसे में न आएं और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।