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लखनऊ: डिजिटल क्रांति के इस दौर में हमारा स्मार्टफोन हमारी परछाई बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह ‘परछाई’ आपकी हर हरकत पर नजर रख रही है? अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या महज एक फोन नंबर से लोकेशन ट्रैक हो सकती है? तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आम आदमी के लिए यह इतना आसान नहीं है, लेकिन हैकर्स और स्पाइवेयर (Spyware) के लिए आपकी प्राइवेसी में सेंध लगाना नामुमकिन भी नहीं।अपनी प्राइवेसी को अभेद्य बनाने के लिए आपको कुछ जरूरी सेटिंग्स को आज ही चेक कर लेना चाहिए।1. ऐप परमिशन का ‘जाल’ साफ करेंहम अक्सर बिना पढ़े ऐप्स को हर तरह की परमिशन दे देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि एक ‘कैलकुलेटर’ या ‘टॉर्च’ ऐप को आपकी लोकेशन जानने की क्या जरूरत है? ऐसे ऐप्स बैकग्राउंड में आपकी लोकेशन ट्रैक करते रहते हैं।समाधान: अपने फोन की Settings > Privacy > Permission Manager > Location में जाएं। यहां उन सभी ऐप्स की लोकेशन एक्सेस बंद कर दें जिन्हें इसकी जरूरत नहीं है। अन्य ऐप्स के लिए ‘Allow only while using the app’ विकल्प ही चुनें।2. गूगल लोकेशन हिस्ट्री: ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ मिटाएंगूगल मैप्स और अन्य सेवाएं आपकी हर यात्रा का रिकॉर्ड रखती हैं। यदि आपका गूगल अकाउंट किसी और के हाथ लग जाए, तो वह आसानी से पता लगा सकता है कि आप कब और कहां थे।समाधान: अपने गूगल अकाउंट की ‘Data & Privacy’ सेटिंग्स में जाकर ‘Location History’ को पॉज (Pause) कर दें। इसके अलावा, अपने फोन में ‘Unknown Tracker Alerts’ फीचर को हमेशा ऑन रखें। यह फीचर आपको तब सावधान करता है जब कोई अनजान ब्लूटूथ ट्रैकर (जैसे Apple AirTag) आपके साथ चल रहा हो।3. कॉल फॉरवर्डिंग का ‘सीक्रेट कोड’ टेस्टहैकर्स अक्सर आपकी कॉल और मैसेज को दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड कर देते हैं। इससे उन्हें आपके OTP और निजी बातचीत का एक्सेस मिल जाता है, जिससे आपकी लोकेशन और बैंकिंग डेटा ट्रैक करना आसान हो जाता है।चेक करने का कोड: अपने फोन से *#62# डायल करें। यदि आपकी कॉल किसी अनजान नंबर पर जा रही है, तो वह नंबर स्क्रीन पर दिख जाएगा।डिसेबल करने का कोड: अगर फॉरवर्डिंग एक्टिव है, तो उसे तुरंत हटाने के लिए ##002# डायल करें। यह कोड सभी कॉल फॉरवर्डिंग को एक साथ बंद कर देता है।सावधान: फेक ट्रैकिंग वेबसाइट्स से बचेंइंटरनेट पर ऐसी हजारों वेबसाइट्स और ऐप्स हैं जो दावा करते हैं कि वे केवल मोबाइल नंबर डालकर किसी की भी ‘लाइव लोकेशन’ बता सकते हैं। सतर्क रहें! ये दावे पूरी तरह फर्जी होते हैं। ऐसी साइट्स पर अपना नंबर डालना मतलब खुद जालसाजों को अपना डेटा सौंपना है। ये अक्सर फिशिंग स्कैम होते हैं जो आपके फोन को हैक करने के लिए बनाए जाते हैं।
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