Tuesday , April 21 2026

Bihar Politics : अब विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे नीतीश कुमार, 20 साल बाद 1 अणे मार्ग छोड़ नई राह पर सुशासन बाबू

News India Live, Digital Desk: बिहार की सत्ता में हुए ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब सबकी नजरें जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदरूनी फैसलों पर टिकी हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले नीतीश कुमार को जेडीयू विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए अधिकृत किया गया है। आज (20 अप्रैल 2026) पटना स्थित उनके नए आवास ‘7 सर्कुलर रोड’ पर हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार के कोने-कोने में ‘जनसंपर्क यात्रा’ पर निकलने का ऐलान कर दिया है।1. कौन होगा जेडीयू विधायक दल का नया चेहरा?नीतीश कुमार के इस्तीफा देने और भाजपा के सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद, सदन में जेडीयू के पक्ष को मजबूती से रखने के लिए नए नेता की तलाश है।विजय चौधरी रेस में आगे: चर्चा है कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। वे नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माने जाते हैं।अंतिम मुहर नीतीश की: पार्टी के विधायकों और सांसदों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को ही यह अधिकार दिया है कि वे जिसे चाहें, उस नाम की घोषणा करें।2. बेटे निशांत कुमार के लिए तैयार हो रही जमीन?इस बैठक के दौरान एक और दिलचस्प मोड़ देखने को मिला। पटना की सड़कों पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के समर्थन में पोस्टर लगे दिखे, जिसमें उन्हें पार्टी की कमान सौंपने की मांग की गई है।निशांत का बयान: निशांत कुमार ने हाल ही में राजनीति में सक्रिय होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वे अगले छह महीनों तक बिहार का दौरा करेंगे और अपने पिता के विजन को आगे बढ़ाते हुए संगठन को मजबूत करेंगे।3. ‘7 सर्कुलर रोड’ बना सत्ता का नया केंद्रलगभग दो दशकों तक मुख्यमंत्री आवास ‘1 अणे मार्ग’ में रहने के बाद, नीतीश कुमार अब 7 सर्कुलर रोड पर शिफ्ट हो गए हैं। भले ही वे अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन सम्राट चौधरी की नई एनडीए सरकार उनके ‘मार्गदर्शन’ में काम करने की बात कह रही है।बिहार दौरा: नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे अब दिल्ली (राज्यसभा) के साथ-साथ बिहार की जमीनी राजनीति में भी सक्रिय रहेंगे। वे जल्द ही राज्यव्यापी दौरा शुरू करेंगे ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया जा सके।4. सदन में शक्ति प्रदर्शन (Floor Test)बिहार की नई सरकार को 24 अप्रैल 2026 को विधानसभा में अपना बहुमत (Floor Test) साबित करना है। नीतीश कुमार की रणनीति इस फ्लोर टेस्ट के दौरान जेडीयू के वोटों को एकजुट रखने और गठबंधन में अपनी पार्टी का वजन बरकरार रखने की है।