News India Live, Digital Desk: सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 1 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों और सिविल सेवकों को एक प्रेरक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से पीएम मोदी ने शासन में ‘नागरिक देवो भव’ (नागरिक ही ईश्वर है) के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर सरकारी निर्णय के केंद्र में आम नागरिक का हित होना चाहिए।’नागरिक देवो भव’: सेवा ही परम धर्मप्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि सरकारी तंत्र को पुरानी कार्यशैली को छोड़कर ‘Whole-of-Government’ यानी एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे अपने विभागों के बीच की दीवारों (Silos) को तोड़ें और मिलकर काम करें। पीएम ने कहा, “प्रशासन को करुणा पर आधारित होना चाहिए और जो लोग सार्वजनिक सेवा की जिम्मेदारी संभालते हैं, उन्हें आजीवन सीखने (Lifelong Learning) का बेहतरीन उदाहरण पेश करना चाहिए।”मिशन कर्मयोगी और डिजिटल टूल्स का उपयोगपीएम मोदी ने ‘साधना सप्ताह 2026’ (नेशनल लर्निंग वीक) की सफलता का जिक्र करते हुए उन 33.4 लाख सिविल सेवकों की सराहना की, जिन्होंने iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 4 घंटे से अधिक की ट्रेनिंग पूरी की है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी और वैश्विक परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिजिटल टूल्स और डेटा-आधारित अंतर्दृष्टि (Data-driven insights) का उपयोग करना अनिवार्य है ताकि शासन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया जा सके।विकसित भारत @ 2047 का रोडमैपप्रधानमंत्री ने कर्मचारियों को याद दिलाया कि अब प्रयासों का पैमाना पहले से बेहतर होने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारा एकमात्र मानक 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना होना चाहिए। उन्होंने पत्र में लिखा, “हमारे प्रयासों की गति, पैमाना, दिशा और तीव्रता इसी विजन से निर्देशित होनी चाहिए। भारत की प्रगति हर राज्य और हर विभाग की सामूहिक जीत का योग है।”12 भाषाओं में जारी किया गया पत्रसिविल सेवकों के प्रति सम्मान और प्रोत्साहन व्यक्त करने के लिए यह पत्र हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, ओडिया, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, पंजाबी, असमिया, मलयालम, तेलुगु और तमिल सहित कुल 12 भाषाओं में जारी किया गया है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार से लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अंतिम छोर तक काम कर रहे कर्मचारियों तक पीएम का संदेश पहुंचाना है।प्रमुख बिंदु जो पत्र में शामिल हैं:सहानुभूति: शासन का आधार करुणा और जनसेवा होना चाहिए।टीम भावना: विभाग अकेले काम करने के बजाय एक टीम की तरह प्रदर्शन करें।सशक्तीकरण: डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करें।जवाबदेही: हर निर्णय में नागरिक के प्रति जवाबदेही तय हो।
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