
नीट (NEET) पेपर लीक और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर देश के युवाओं का गुस्सा अब सोशल मीडिया की दीवारों से निकलकर सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार, 6 जून 2026 को एक बेहद अनोखा और शांतिपूर्ण आंदोलन देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यह प्रदर्शन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए देश भर से भारी संख्या में छात्र, युवा और उनके माता-पिता पहुंचे थे। आंदोलनकारियों की सिर्फ एक ही मुख्य मांग थी— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
व्यंग्य से शुरू हुआ आंदोलन अब बना जन-आंदोलन
शुरुआत में सोशल मीडिया पर एक मजेदार व्यंग्य (Satire) के रूप में शुरू हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' आज के दौर में जेन-जी (Gen-Z) यानी आज की युवा पीढ़ी का एक बहुत बड़ा राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन बन चुकी है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, जो अमेरिका में अपनी पढ़ाई कर रहे थे, विशेष रूप से इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए शनिवार सुबह ही भारत लौटे।
दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हुआ, जहाँ युवाओं ने कॉकरोच मास्क पहनकर, हाथों में रंग-बिरंगे पोस्टर, राष्ट्रीय ध्वज और किताबें लेकर बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की।
बॉलीवुड और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मिला भारी समर्थन
इस आंदोलन को न केवल देश के छात्रों का, बल्कि कई बड़ी और जानी-मानी हस्तियों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। जाने-माने शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक खुद व्यक्तिगत रूप से शनिवार को जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में शामिल हुए और युवाओं का हौसला बढ़ाया। इसके अलावा ऋचा चड्ढा और अतुल कुलकर्णी जैसे बॉलीवुड कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की।
दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज और बिग बॉस फेम कुनिका सदानंद के भी इस प्रदर्शन में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन पहले से तय शूटिंग शेड्यूल में व्यस्त होने के कारण वे दिल्ली नहीं आ पाए। सोशल मीडिया पर फैंस द्वारा खुद को मिस किए जाने पर प्रकाश राज ने CJP की इस लड़ाई को दिल से सराहा और एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
"मैंने वहां आने और अपना पूरा समर्थन दिखाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पहले से तय काम की प्रतिबद्धताओं की वजह से नहीं आ पाया। मैं हमेशा इस आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा हूँ। मुझे बहुत-बहुत खुशी हुई कि हमारे कॉकरोचों ने वहां धमाल मचा दिया। प्रिय सोनम वांगचुक, युवाओं के बीच पहुंचने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हमारी शिक्षा व्यवस्था के भविष्य के लिए आपसे बेहतर व्यक्ति और कोई नहीं हो सकता।"
आंदोलन में शामिल हस्तियां और उनका रुख
आइए नीचे दी गई तालिका से संक्षेप में समझते हैं कि देश की शिक्षा व्यवस्था को बचाने की इस मुहिम में किस हस्ती का क्या स्टैंड रहा है:
सरकार को मिला ७ दिनों का नया अल्टीमेटम: आगे क्या?
कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले सरकार और शिक्षा विभाग को शनिवार शाम ५ बजे तक का समय दिया था। लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तरफ से इस्तीफे को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, तो संगठन ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है।
प्रदर्शन के समापन के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार को ७ दिनों का नया अल्टीमेटम जारी किया है। पार्टी का साफ कहना है कि जंतर-मंतर पर शनिवार को जो कुछ भी दिखा, वह तो सिर्फ एक 'ट्रेलर' था। अगर अगले ७ दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री को उनके पद से नहीं हटाया गया या उन्होंने सम्मानपूर्वक इस्तीफा नहीं दिया, तो इस छात्र आंदोलन को पूरे देश में जिला और राज्य स्तर पर व्यापक रूप से फैलाया जाएगा। नीट परीक्षा विवाद के बीच इस अनोखे आंदोलन पर अब पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
UK News