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अंकुर वारिकू की ये 10 जादुई सलाह मान ली, तो पैसों की किल्लत होगी हमेशा के लिए दूर; होगी छप्परफाड़ बचत

अंकुर वारिकू की ये 10 जादुई सलाह मान ली, तो पैसों की किल्लत होगी हमेशा के लिए दूर; होगी छप्परफाड़ बचत

भारत दुनिया का सबसे युवा आबादी वाला देश है, जहां हर साल लाखों युवा अपने करियर की शुरुआत करते हैं। लेकिन एक कड़वी हकीकत यह भी है कि पहली नौकरी लगते ही अधिकांश युवाओं को अपनी गाढ़ी कमाई और पैसों को सही ढंग से मैनेज (Money Management) करना नहीं आता। इसी गंभीर मुद्दे पर देश के मशहूर उद्यमी, बेस्टसेलिंग लेखक और जाने-माने यूट्यूबर अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) ने युवाओं के लिए 10 बेहद अनमोल और व्यावहारिक वित्तीय सलाह साझा की हैं। यदि अपने करियर के शुरुआती दौर में खड़े युवा इन टिप्स को अपने जीवन में उतार लेते हैं, तो वे न केवल भविष्य में होने वाली पैसों की तंगी से बच सकते हैं बल्कि कम उम्र में ही एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं अंकुर वारिकू की वो 10 बड़ी बातें जो आपकी पूरी फाइनेंशियल लाइफ को बदल सकती हैं।

1. पहली गलती: खर्चों का लिखित हिसाब न रखना

अंकुर वारिकू के मुताबिक, नई-नई नौकरी लगने के जोश में युवा सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे अपने रोजाना और मंथली खर्चों का कोई रिकॉर्ड ही नहीं रखते। नतीजा यह होता है कि हजारों या लाखों रुपये कमाने के बावजूद महीने के आखिरी हफ्ते में उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। इस जाल से बचने के लिए करियर की शुरुआत से ही हर एक पैसे का हिसाब किसी मोबाइल ऐप या डायरी में लिखकर रखने की आदत डालें। इससे आपको पता चलेगा कि आपका पैसा कहां फालतू बह रहा है।

2. अपनाएं 50-30-20 का यह सीक्रेट बजटिंग फॉर्मूला

वारिकू की दूसरी और सबसे असरदार सलाह बजट बनाने और निवेश करने को लेकर है। युवाओं को अपनी सैलरी मिलते ही उसे 50-30-20 के नियम में बांट देना चाहिए।

  • 50% पैसा: घर का किराया, राशन और बिजली बिल जैसी बुनियादी 'जरूरतों' (Needs) पर खर्च करें।

  • 30% पैसा: घूमना-फिरना, पार्टी या गैजेट्स जैसे अपने 'शौक' (Wants) को पूरा करने के लिए रखें।

  • 20% पैसा: महीना शुरू होते ही सबसे पहले इसे 'निवेश' (Investment) के लिए अलग निकाल लें। निवेश शुरू करने के लिए किसी बड़ी सैलरी या सही उम्र का इंतजार करना बेवकूफी है।

3. कर्ज के दलदल (Debt Trap) से बनाएं दूरी

आजकल क्रेडिट कार्ड और मोबाइल ऐप्स के जरिए पर्सनल लोन इतनी आसानी से मिल जाते हैं कि युवा अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च करने लगते हैं और लोन के जाल में फंस जाते हैं। वे भूल जाते हैं कि इस पर उन्हें भारी ब्याज चुकाना होगा। अंकुर के अनुसार, युवाओं को अपनी पढ़ाई (Education Loan) और खुद के घर (Home Loan) के अलावा लाइफ में कभी भी कोई दूसरा लोन नहीं लेना चाहिए।

4. लोन के रहते निवेश करना या कर्ज लेकर शेयर मार्केट में कूदना

आजकल युवाओं में शेयर बाजार का जबरदस्त क्रेज है, लेकिन वारिकू ने चेतावनी दी है कि कभी भी लोन लेकर या कर्ज के पैसों से शेयर मार्केट जैसे हाई-रिस्क वाले प्लेटफॉर्म पर निवेश न करें। डेटा बताते हैं कि बिना सोचे-समझे हाई-रिस्क ट्रेडिंग करने वाले 82% लोग अपना पैसा गंवा देते हैं। इसके अलावा, अगर आपके सिर पर पहले से कोई पुराना लोन चल रहा है, तो पहले उसे पूरी तरह चुकता करें, क्योंकि निवेश से मिलने वाले रिटर्न से कहीं ज्यादा आपका लोन का ब्याज आपकी जेब काट लेगा।

5. इंश्योरेंस को लेकर गलतफहमी और माता-पिता की सुरक्षा

अंकुर वारिकू के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस (Term Insurance) को कभी भी निवेश या रिटर्न देने वाली स्कीम की तरह न देखें। इसे विशुद्ध सुरक्षा के रूप में लें, ताकि आपके न रहने पर परिवार संकट में न आए। इसके साथ ही, अपने बुजुर्ग होते माता-पिता का हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) करवाना सबसे जरूरी है। एक छोटी सी बीमारी आपकी जीवनभर की पूरी सेविंग्स को पल भर में साफ कर सकती है।

6. समाज के दबाव में बहुत जल्दी घर (Property) खरीद लेना

भारतीय समाज में नौकरी लगते ही घर खरीदने का दबाव बनाया जाने लगता है, जिसे वारिकू सबसे बड़ा ट्रैप मानते हैं। घर खरीदना एक बहुत बड़ा और लंबी ईएमआई (EMI) वाला फैसला होता है। जब तक आपकी इनकम का कोई बहुत बड़ा और स्थाई जरिया न हो, तब तक शुरुआती सालों में किराए के मकान में रहना ज्यादा समझदारी है। एक बार जब आप करियर में पूरी तरह सेटल हो जाएं, तभी होम लोन के बारे में सोचें।

7. रातों-रात अमीर बनने वाले 'शॉर्टकट' से तौबा करें

पहली नौकरी लगते ही युवा अक्सर ऐसी फर्जी स्कीमों, चिटफंड या "पैसा डबल" करने वाले विज्ञापनों के चक्कर में आ जाते हैं जो रातों-रात अमीर बनाने का दावा करते हैं। आपको यह कड़वा सच स्वीकार करना होगा कि ईमानदारी और बिना मेहनत से आने वाला पैसा हमेशा धीरे-धीरे (Compounding के जरिए) ही बढ़ता है। शॉर्टकट हमेशा कंगाल बनाता है।

8. बिना सोचे-समझे सोशल मीडिया देखकर अनियंत्रित निवेश

आजकल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को देखकर लोग शेयर मार्केट को एक जुआ या खेल समझ लेते हैं। बिना गहरी रिसर्च और मार्केट की समझ के दूसरों के कहने पर अपनी मेहनत की कमाई स्टॉक्स में लगाना पूरी तरह से पैसा डूबाना है। इसी तरह, म्यूचुअल फंड में भी दर्जनों स्कीम्स लेने के बजाय अधिकतम 3 अच्छी एसआईपी (SIP) में अनुशासित तरीके से निवेश करना काफी होता है।

9. निवेश के पारंपरिक तरीकों के लिए केवल परिवार पर निर्भरता

हमारे माता-पिता का दौर अलग था, वे सुरक्षा के लिहाज से केवल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या सोने (Gold) में निवेश करना पसंद करते थे। लेकिन आज के दौर में महंगाई को मात देने के लिए युवाओं को निवेश के नए और आधुनिक रास्ते तलाशने होंगे। केवल माता-पिता की पुरानी रूढ़िवादी सलाह पर निर्भर रहने से आप अपनी वेल्थ को तेजी से नहीं बढ़ा पाएंगे।

10. छोटे-छोटे खर्चों को हल्के में लेने की आदत छोड़ें

अंकुर वारिकू के मुताबिक, युवा अक्सर रोजाना के छोटे-छोटे फिजूलखर्चों (जैसे हर दिन बाहर की महंगी कॉफी, सिगरेट या ऑनलाइन फूड डिलीवरी) को यह सोचकर हल्के में लेते हैं कि इससे क्या फर्क पड़ता है। लेकिन महीने के अंत में यही छोटे खर्च एक बड़ा अमाउंट बन जाते हैं। अपनी जमीनी हकीकत को पहचानें, खर्चों का सही आकलन करें और अपनी बचत की क्षमता को लगातार अपग्रेड करते रहें।