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NEET विवाद के बाद यूट्यूबर्स और टीवी एंकर में आर-पार; ‘अपमानजनक’ शब्दों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचीं अंजना ओम कश्यप

NEET विवाद के बाद यूट्यूबर्स और टीवी एंकर में आर-पार; 'अपमानजनक' शब्दों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचीं अंजना ओम कश्यप

देश में नीट (NEET) पेपर लीक का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन अब इस विवाद ने एक बिल्कुल नया और कानूनी रूप ले लिया है। देश के प्रमुख टीवी न्यूज एंकरों में शुमार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने ऑनलाइन कोचिंग की दुनिया के मशहूर शिक्षक 'खान सर' (Khan Sir) और कई अन्य यूट्यूब एजुकेटर्स के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि (Defamation) का मुकदमा दायर कर दिया है।

याचिका में छवि खराब करने के एवज में २ करोड़ रुपये की भारी-भरकम क्षतिपूर्ति (मुआवजा) की मांग की गई है। साथ ही, अदालत से उन सभी विवादित वीडियो और पोस्ट्स को तुरंत इंटरनेट से हटाने का आदेश देने की अपील की गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में होने जा रही है।

आखिर कहाँ से शुरू हुआ यह पूरा विवाद?

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर टीवी पर हुई एक बहस (Debate) से हुई थी।

  • टीवी डिबेट में क्या हुआ? इस शो के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन कोचिंग चलाने वाले और सोशल मीडिया पर लोकप्रिय 'स्टार टीचर्स' की भूमिका और उनके तरीकों की तीखी आलोचना की थी।

  • यूट्यूबर्स की प्रतिक्रिया: टीवी पर अपनी आलोचना से नाराज होकर खान सर और यूट्यूब जगत के कई अन्य बड़े शिक्षकों ने अपने-अपने चैनल्स पर वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए एंकर पर पलटवार किया। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस दौरान मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दी गईं।

इन शब्दों के इस्तेमाल पर जताई कड़ी आपत्ति

अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क का कहना है कि खान सर व अन्य यूट्यूबर्स ने उनके खिलाफ जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, उसने उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा और चैनल की विश्वसनीयता को गहरी ठेस पहुँचाई है। इसे सिर्फ एक सामान्य आलोचना मानकर नहीं छोड़ा जा सकता।

याचिका में जिन प्रमुख आपत्तिजनक और मानहानिकारक शब्दों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, उन्हें आप नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

अदालत से सोशल मीडिया पर डिजिटल सफाई की मांग

याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने यह बात मजबूती से रखी है कि इन वीडियो और पोस्ट्स के वायरल होने की वजह से समाज और दर्शकों के बीच उनकी साख को अपूरणीय क्षति पहुँची है।

 वीडियो डिलीट करने की अपील

मानहानि के इस मुकदमे में केवल हर्जाने की ही मांग नहीं की गई है, बल्कि कोर्ट से यह भी गुहार लगाई गई है कि वह टेक कंपनियों को सख्त निर्देश जारी करे। इसके तहत यूट्यूब (YouTube), इंस्टाग्राम (Instagram) और एक्स (पहले ट्विटर) जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इन सभी अपमानजनक वीडियो और पोस्ट्स को तुरंत और स्थाई रूप से डिलीट (Remove) करने का आदेश देने की मांग शामिल है।

नीट परीक्षा के मुद्दे से शुरू हुई यह बहस अब डिजिटल मीडिया बनाम मेनस्ट्रीम मीडिया की एक बड़ी कानूनी लड़ाई का रूप ले चुकी है। आज होने वाली इस सुनवाई पर देश भर के छात्रों, शिक्षकों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं।