
अदालती कार्यवाही और वकीलों की चहल-पहल के बीच अचानक एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे कोर्ट परिसर को हिलाकर रख दिया। रोजाना की तरह वकील अपने मामलों की पैरवी के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे थे। लिफ्ट ने जैसे ही रफ्तार पकड़ी, कुछ ही सेकंड बाद एक जोरदार झटके के साथ वह दो मंजिलों के ठीक बीच में जाकर अटक गई। लिफ्ट के अचानक रुकते ही उसके अंदर मौजूद 11 वकीलों की सांसें ऊपर की ऊपर और नीचे की नीचे रह गईं। लिफ्ट के भीतर रोशनी और वेंटिलेशन की समस्या के चलते फंसे हुए लोगों में घबराहट तेजी से बढ़ने लगी।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े लोग, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप लिफ्ट के भीतर फंसे वकीलों ने जब मदद के लिए चिल्लाना और लिफ्ट के दरवाजे को पीटना शुरू किया, तो बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य वकीलों को मामले की गंभीरता का अहसास हुआ। देखते ही देखते यह खबर पूरे कोर्ट परिसर में आग की तरह फैल गई, जिससे वहां भारी अफरातफरी का माहौल बन गया। हर कोई लिफ्ट की तरफ दौड़ पड़ा। बंद जगह में हवा की कमी और दम घुटने जैसी स्थिति के कारण अंदर फंसे वकीलों की हालत बिगड़ने लगी थी, जिसके बाद तुरंत तकनीकी टीम और मेंटेनेंस स्टाफ को इस आपातकालीन स्थिति की जानकारी दी गई।
कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाले गए सभी वकील सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची तकनीकी और सुरक्षा टीम ने बिना वक्त गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लिफ्ट दो मंजिलों के बीच इस तरह फंसी थी कि उसके दरवाजे को सामान्य तरीके से खोलना मुमकिन नहीं था। बेहद सावधानी और कड़ी मशक्कत के बाद तकनीकी टीम ने लिफ्ट के दरवाजे को मैन्युअल रूप से खोलने में सफलता हासिल की। लिफ्ट खुलते ही एक-एक कर सभी 11 वकीलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर आते ही वकीलों ने राहत की सांस ली। इस हादसे के बाद कोर्ट परिसर में लिफ्ट के रखरखाव और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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