
News India Live, Digital Desk: आमतौर पर गरुड़ पुराण को केवल मृत्यु के बाद सुनाए जाने वाले ग्रंथ के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। भगवान विष्णु और पक्षीराज गरुड़ के बीच का यह संवाद वास्तव में ‘जीवन प्रबंधन’ का एक अद्भुत शास्त्र है। इसमें जीवन को सफल बनाने और दरिद्रता को दूर कर अक्षय लक्ष्मी प्राप्त करने के अत्यंत प्रभावी सूत्र बताए गए हैं।यदि आप भी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या चाहते हैं कि घर में बरकत बनी रहे, तो गरुड़ पुराण में वर्णित इन 5 बातों का पालन अवश्य करें:1. दान से होती है धन की शुद्धिगरुड़ पुराण के अनुसार, जिस प्रकार जल के बहते रहने से वह निर्मल बना रहता है, उसी प्रकार धन को दान करने से उसकी शुद्धि होती है।नीति: अपनी आय का एक छोटा हिस्सा (दशांश) समाज कल्याण या जरूरतमंदों के लिए खर्च करें। जो व्यक्ति केवल धन का संचय करता है और उसे दूसरों की सेवा में नहीं लगाता, उसके पास लक्ष्मी अधिक समय तक नहीं ठहरतीं।2. संचय और व्यय के बीच संतुलनधन को केवल जोड़ना ही बुद्धिमानी नहीं है। गरुड़ पुराण कहता है कि धन का उपयोग अपने और अपने परिवार की खुशहाली के लिए करना चाहिए।नीति: यदि परिवार के सदस्य अभाव में जी रहे हैं और आप धन दबाकर बैठे हैं, तो वह संपत्ति दुख का कारण बनती है। एक खुशहाल और संतुष्ट परिवार ही वह स्थान है जहाँ मां लक्ष्मी स्थाई रूप से निवास करती हैं।3. ईमानदारी: समृद्धि की अनिवार्य शर्तअधर्म या छल-कपट से कमाया गया धन ‘विष’ के समान माना गया है।नीति: गरुड़ पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि गलत तरीके से कमाया गया पैसा व्यक्ति को अल्पकालिक लाभ तो दे सकता है, लेकिन अंततः वह कुल का विनाश और दरिद्रता ही लाता है। सात्विक मार्ग और मेहनत से अर्जित धन ही टिकता है और फलता-फूलता है।4. अहंकार से बचें, विनम्रता अपनाएंअहंकार और धन की देवी लक्ष्मी का आपस में कभी मेल नहीं होता।नीति: जैसे-जैसे आपके पास धन और पद बढ़े, वैसे-वैसे स्वभाव में विनम्रता बढ़नी चाहिए। जो व्यक्ति संपत्ति के मद में दूसरों का अपमान करता है, उसका पतन बहुत तीव्र गति से होता है। सेवा भाव रखने वाले के घर में बरकत सदैव बनी रहती है।5. तुलसी पूजन और घर की सात्विकतागरुड़ पुराण में घर के वातावरण का धन की आवक से गहरा संबंध बताया गया है।नीति: तुलसी को साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। जिस घर में नियमित रूप से तुलसी पूजन होता है और संध्या के समय दीपक जलाया जाता है, वहाँ नकारात्मकता का वास नहीं होता। भगवान विष्णु की कृपा से ऐसे घरों में अन्न और धन के भंडार कभी खाली नहीं होते।सार: गरुड़ पुराण का संदेश स्पष्ट है सदाचार, दान और परिश्रम ही वह तीन चाबियां हैं जिनसे सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
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