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Maharashtra NGO Scam: एनजीओ की आड़ में महा-ठगी मुंब्रा में महिलाओं से करोड़ों हड़पने वाला रियाज फाजिल गिरफ्तार

News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र में महिलाओं के साथ धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठाणे पुलिस ने एक एनजीओ के नाम पर हजारों महिलाओं को ठगने वाले मुख्य मास्टरमाइंड रियाज फाजिल को धर दबोचा है। आरोपी ने ‘गरीब महिलाओं के उत्थान’ का ढोंग रचकर उनके गहने और जमापूंजी पर हाथ साफ कर दिया। इस घोटाले की गूंज पूरे महाराष्ट्र में है और पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।1. कैसे हुई ठगी की शुरुआत?आरोपी रियाज फाजिल ने मुंब्रा और आसपास के इलाकों में एक एनजीओ बनाया था। वह महिलाओं के बीच जाकर खुद को एक ‘मसीहा’ की तरह पेश करता था।सरकारी योजनाओं का झांसा: उसने महिलाओं को विश्वास दिलाया कि वह उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत बड़े लोन और घर दिलाने में मदद करेगा।बदले में वसूली: योजना का लाभ देने के नाम पर उसने महिलाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और शुरुआती ‘सिक्योरिटी डिपॉजिट’ के रूप में मोटी रकम और गहने लिए।2. करोड़ों का ‘पूंजी पिरामिड’ (Chain Scam)पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि रियाज केवल अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि उसने एक चेन सिस्टम बना रखा था:कमीशन का लालच: जो महिलाएं अन्य महिलाओं को एनजीओ से जोड़ती थीं, उन्हें वह कमीशन का लालच देता था।गायब हुआ आरोपी: जब पैसा लौटाने या योजना का लाभ देने का समय आया, तो रियाज अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। इसके बाद दर्जनों महिलाओं ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई।3. पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारीमुंब्रा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी के ठिकाने का पता लगाया।छापेमारी: पुलिस ने रियाज फाजिल को उसके एक गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार किया।बरामदगी: पुलिस अब उसके बैंक खातों को फ्रीज (Freeze) करने और उसके पास से बरामद दस्तावेजों की जाँच कर रही है ताकि पता चल सके कि उसने अब तक कुल कितने करोड़ की ठगी की है।4. क्या है पुलिस की सलाह?ठाणे पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई अन्य महिला भी इस एनजीओ या रियाज फाजिल की ठगी का शिकार हुई है, तो वे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर बयान दर्ज कराएं।सावधानी: पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी अज्ञात एनजीओ को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी (OTP) या पैसे देने से पहले उसकी सरकारी मान्यता (Registration) की जांच जरूर करें।