
बॉलीवुड के सबसे संजीदा और दिग्गज अभिनेताओं में शुमार मनोज बाजपेयी अपनी बेबाकी और बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े और मशहूर डायरेक्टर यश चोपड़ा के साथ सुपरहिट फिल्म ‘वीर-जारा’ में काम करने का अपना एक पुराना और बेहद मजेदार अनुभव शेयर किया है। शेखर सुमन के लोकप्रिय चैट शो ‘शेखर टुनाइट’ में मेहमान बनकर पहुंचे मनोज बाजपेयी ने बताया कि दिवंगत फिल्ममेकर यश चोपड़ा की बेबाक ईमानदारी और बड़े दिल ने उनके दिलो-दिमाग पर एक कभी न मिटने वाली गहरी छाप छोड़ी है। साल 2004 में रिलीज हुई शाहरुख खान और प्रीति जिंटा स्टारर इस ब्लॉकबस्टर रोमांटिक फिल्म में मनोज बाजपेयी ने एक छोटा सा लेकिन बेहद दमदार कैमियो रोल निभाया था।
मनोज बाजपेयी ने शो में पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि वह यश जी के निर्देशन में काम करने के लिए इस कदर बेताब और एक्साइटेड थे कि उन्होंने बिना पूरी कहानी और स्क्रिप्ट सुने ही इस फिल्म के लिए तुरंत हां कह दिया था। मनोज ने खुलासा किया कि यश चोपड़ा ने फिल्म ‘पिंजर’ में उनकी बेमिसाल एक्टिंग देखने के बाद खुद उन्हें फोन किया था। मनोज ने बताया, ‘यश जी ने मुझे सीधे फोन मिलाया और बड़े प्यार से कहा कि पिंजर में तुम्हारा काम देखने के बाद मुझे लगा कि वीर-जारा के इस खास किरदार को तुम्हारे अलावा कोई और निभा ही नहीं सकता।’ यश जी के मुंह से तारीफ के ये जादुई शब्द सुनते ही मनोज ने बिना एक पल गंवाए फिल्म के लिए अपनी रजामंदी दे दी थी।
जब यश चोपड़ा ने बिना लाग-लपेट के कह दी दिल की बात
मनोज बाजपेयी ने हंसते हुए माना कि वह यश चोपड़ा के सेट पर जाने के लिए इतने उतावले थे कि वह सीन भी नहीं सुनना चाहते थे। उन्होंने यश जी से साफ कह दिया था, ‘आप बस मुझे तारीख बताइए कि कब आना है, थोड़ा सा किरदार समझा दीजिए और मैं सेट पर तैयारी के साथ पहुंच जाऊंगा।’ हालांकि, यश चोपड़ा के कहने पर उनके बेटे आदित्य चोपड़ा ने मनोज को बुलाकर उनके हिस्से के सारे सीन विस्तार से सुनाए थे। मनोज ने बताया कि जब पूरी कहानी खत्म हुई, तो उन्होंने मजाक-मजाक में यश चोपड़ा से एक गुजारिश की कि यश जी, भविष्य में प्लीज मुझे किसी बड़ी और मुख्य भूमिका के लिए याद रखिएगा।
इस मासूम गुजारिश पर महान फिल्ममेकर यश चोपड़ा ने जो जवाब दिया, वह बेहद हैरान करने वाला और पूरी तरह से सच था। मनोज ने मुस्कुराते हुए उस पल को याद किया और बताया, ‘यश जी ने बड़े प्यार से मेरे कंधे पर हाथ रखा और कहा—बेटा, मैं तेरे जैसे संजीदा एक्टर्स के लिए कहां फिल्में बनाता हूं।’ यश चोपड़ा ने आगे बहुत ही ईमानदारी से समझाया कि वह जिस तरह की कमर्शियल और रोमांटिक फिल्में या रोल बनाते हैं, उसे मनोज जैसे गहरे और रियलिस्टिक कलाकार शायद कभी दिल से पसंद ही नहीं करेंगे। मनोज ने कहा कि यश जी ने उनसे कोई झूठा दिलासा या खोखला वादा नहीं किया और उनकी यही कड़वी लेकिन सच्ची ईमानदारी मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई, जो आज भी मेरे दिल के करीब है।
छोटे से रोल के लिए भेजा था लीड एक्टर के बराबर का चेक
इस दिलचस्प बातचीत के दौरान ‘द फैमिली मैन’ स्टार ने एक और बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह शुरुआत में इस बेहद छोटे से रोल के लिए यश चोपड़ा से कोई फीस या पैसा नहीं लेना चाहते थे। मनोज ने कहा, ‘मैंने यश जी से साफ-साफ कह दिया था कि मैं आपके सम्मान में यह काम कर रहा हूं और इसके लिए एक भी रुपया नहीं लूंगा। लेकिन यश जी स्वाभिमानी इंसान थे, वह इस बात के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हुए।’ एक्टर के मुताबिक, यश चोपड़ा ने पैसे देने की जिद पकड़ ली और फिल्म पूरी होने के बाद उनके घर एक ऐसा चेक भेजा, जिसकी रकम देखकर मनोज के होश उड़ गए। वह चेक उस दौर में मनोज को किसी फिल्म में बतौर लीड एक्टर मिलने वाली पूरी फीस के बराबर था।
'सत्या' की बंपर सफलता के बाद जब पैसों से भरे सूटकेस ठुकरा दिए
मनोज ने गर्व से कहा, ‘यश जी ने जो सम्मान देने का वादा किया था, उसे निभाया और मुझे मुख्य अभिनेता जितना पैसा दिया। उनके साथ काम करने का अनुभव वाकई राजाओं जैसा था।’ इसके बाद मनोज बाजपेयी ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘सत्या’ की बंपर सक्सेस के बाद अपने करियर के कठिन फैसलों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 'भीकू म्हात्रे' का उनका गैंगस्टर किरदार पूरे देश में इतना ज्यादा पॉपुलर हो गया था कि रातों-रात उनके पास पैसों से भरे ढेरों ऑफर्स की बाढ़ आ गई थी। हालांकि, सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि उनमें से 99 प्रतिशत ऑफर्स सिर्फ विलेन या गुंडे के रोल के लिए थे, जो मनोज दोबारा नहीं दोहराना चाहते थे।
शेखर सुमन के शो में मनोज ने अपनी सोच साझा करते हुए कहा, ‘मैं पर्दे पर सिर्फ एक टाइपकास्ट विलेन बनकर अपनी पूरी जिंदगी नहीं काटना चाहता था। मैं अच्छी कहानियों और प्रयोगधर्मी किरदारों का हिस्सा बनना चाहता था।’ उन्होंने बताया कि उस दौर में पैसों के पीछे भागने के बजाय उन्होंने तंगी झेली और ‘शूल’, ‘जुबेदा’ और ‘पिंजर’ जैसी बेहतरीन फिल्मों का इंतजार किया, जिसने आगे चलकर उनके करियर को एक लीजेंडरी मुकाम पर पहुंचाया। आपको बता दें कि मनोज बाजपेयी इन दिनों चिन्मय डी. मांडलेकर के निर्देशन में बनी अपनी हालिया रिलीज और चर्चित फिल्म ‘गवर्नर’ में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर रहे हैं, जिसमें उनके साथ मशहूर अभिनेत्री अदा शर्मा भी मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं।
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