News India Live, Digital Desk : आज मंगलवार का दिन है और चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज भगवान शिव और संकटमोचन हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त करने का योग बन रहा है। मासिक शिवरात्रि होने के कारण आज प्रदोष काल और निशिता काल की पूजा का विशेष महत्व रहेगा।आज की तिथि और नक्षत्र (17 मार्च 2026)तिथि: चतुर्दशी (दोपहर तक, उसके बाद अमावस्या शुरू होगी)।पक्ष: कृष्ण पक्ष।मास: चैत्र।नक्षत्र: आज धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, जो ऊर्जा और कौशल का प्रतीक है।वार: मंगलवार।आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timing)आज के दिन शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित समय का चुनाव करें:अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:54 बजे तक। (किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)।निशिता काल (शिव पूजा): रात्रि 12:06 बजे से 12:54 बजे तक (18 मार्च की सुबह)। मासिक शिवरात्रि पर महादेव का अभिषेक इसी समय करना सबसे फलदायी होता है।अमृत काल: शाम को 06:40 बजे से 08:25 बजे तक।आज का अशुभ समय (राहुकाल)ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने या नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए:राहुकाल: दोपहर 03:30 बजे से 05:00 बजे तक।आज के विशेष योगआज ‘साध्य’ योग बन रहा है। माना जाता है कि इस योग में किए गए कार्य सीखने और अभ्यास करने में सफलता दिलाते हैं। साथ ही, धनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण आज संगीत, नृत्य और रचनात्मक कार्यों में भी विशेष सिद्धि प्राप्त होती है।पंचांग के अनुसार आज का सुझावकिसे पूजें: आज शिवजी के साथ-साथ हनुमान जी की आराधना करें। शिवलिंग पर गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करने से ऋण (कर्ज) से मुक्ति मिलती है।दिशाशूल: उत्तर दिशा। यदि उत्तर की यात्रा अनिवार्य हो, तो गुड़ खाकर घर से निकलें।
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