
उत्तर प्रदेश के कई जिले,खासकर पूर्वांचल का इलाका,इस वक्त मौसम की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है. यहां अगले48घंटे संकट भरे हो सकते हैं. गोरखपुर और आसपास के इलाकों में स्थिति सबसे गंभीर है,जहां लोगों को ठंड,कोहरे और जानलेवा प्रदूषण की तिहरी मार झेलनी पड़ रही है.गोरखपुर में क्यों है’ट्रिपल’अटैक?1.जानलेवा प्रदूषण:गोरखपुर की हवा खतरनाक स्तर पर जहरीली हो चुकी है. यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बेहद खराब’से’गंभीर’श्रेणी में पहुंच गया है.हालात इतने बुरे हैं कि विशेषज्ञों के अनुसार,यहां की हवा में सांस लेना दिन भर में7-8सिगरेट पीने के बराबर खतरनाक है.प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा है कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में तकलीफ और गले में जलन महसूस हो सकती है. संवेदनशील लोगों और बच्चों-बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है.2.घना कोहरा:अत्यधिक नमी और प्रदूषण के कण मिलकर जानलेवा कोहरा (स्मॉग) बना रहे हैं. सुबह और शाम को विजिबिलिटी लगभग शून्य हो जाती है,जिससे सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई है. हाइवे पर हादसों का खतरा बढ़ गया है. लोगों को दिन में भी अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है.3.कड़ाके की ठंड:पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है. दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला गया है,जिससे दिन में भी कंपकंपी छूट रही है. धूप के दर्शन मुश्किल हो गए हैं,जिससे लोगों को ठंड से कोई राहत नहीं मिल पा रही.अगले48घंटे रहें सावधानमौसम और प्रदूषण पर नजर रखने वाली एजेंसियों का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों तक इस खतरनाक स्थिति से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें,खासकर सुबह और शाम के समय. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है और सांस के मरीजों को बाहर निकलने परN95 मास्क पहनने को कहा गया है.
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